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mahabharat 5.37.19: प्राचीन काल में जुआ खेलना मनुष्यों के बीच शत्रुता का कारण माना जाता था; इसलिए बुद्धिमान व्यक्ति को मनोरंजन के लिए भी जुआ नहीं खेलना चाहिए।   |   mahabharat अध्याय 5.37: धृतराष्ट्रके प्रति विदुरजीका हितोपदेश   ।   mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  5.37.19 
द्यूतमेतत् पुराकल्पे दृष्टं वैरकरं नृणाम्।
तस्माद् द्यूतं न सेवेत हास्यार्थमपि बुद्धिमान्॥ १९॥
 
 
अनुवाद
प्राचीन काल में जुआ खेलना मनुष्यों के बीच शत्रुता का कारण माना जाता था; इसलिए बुद्धिमान व्यक्ति को मनोरंजन के लिए भी जुआ नहीं खेलना चाहिए।
 
In the past, gambling was seen to be a cause of enmity among men; therefore a wise man should not gamble even for fun.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)