Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.36.7: इस संसार में शुष्क शब्द मनुष्य के प्राणों को, उसकी हड्डियों को, उसके हृदय को और उसकी आत्मा को जला देते हैं; इसलिए जो व्यक्ति धर्म से प्रेम करता है, उसे चाहिए कि वह सदैव जलने वाले शुष्क शब्दों का त्याग कर दे। | mahabharat अध्याय 5.36: दत्तात्रेय और साध्यदेवताओंके संवादका उल्लेख करके महाकुलीन लोगोंका लक्षण बतलाते हुए विदुरका धृतराष्ट्रको समझाना । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
इस संसार में शुष्क शब्द मनुष्य के प्राणों को, उसकी हड्डियों को, उसके हृदय को और उसकी आत्मा को जला देते हैं; इसलिए जो व्यक्ति धर्म से प्रेम करता है, उसे चाहिए कि वह सदैव जलने वाले शुष्क शब्दों का त्याग कर दे।
In this world, dry words burn the vital parts of human beings, their bones, their hearts and their souls; therefore, a person who loves religion should give up dry words that burn forever. 7.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥