Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.36.50: हे महात्मन! ये सब वस्तुएँ सदैव भय से व्याकुल रहती हैं; मेरा मन भी भय से व्याकुल रहता है; अतः आप मुझे वह मार्ग बताइए जो व्याकुलता से रहित और शान्त है ॥50॥ | mahabharat अध्याय 5.36: दत्तात्रेय और साध्यदेवताओंके संवादका उल्लेख करके महाकुलीन लोगोंका लक्षण बतलाते हुए विदुरका धृतराष्ट्रको समझाना । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हे महात्मन! ये सब वस्तुएँ सदैव भय से व्याकुल रहती हैं; मेरा मन भी भय से व्याकुल रहता है; अतः आप मुझे वह मार्ग बताइए जो व्याकुलता से रहित और शान्त है ॥50॥
O great one! All these things are always perturbed by fear; even my mind is perturbed by fear; therefore, tell me the path which is free from perturbation and is peaceful. ॥ 50॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥