Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.36.33: हममें से जो कोई ब्राह्मण की हत्या करता है, ब्राह्मणों से द्वेष रखता है तथा पितरों का पिण्डदान और तर्पण नहीं करता, उसे हमारी सभा में प्रवेश नहीं करना चाहिए। 33. | mahabharat अध्याय 5.36: दत्तात्रेय और साध्यदेवताओंके संवादका उल्लेख करके महाकुलीन लोगोंका लक्षण बतलाते हुए विदुरका धृतराष्ट्रको समझाना । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
यश्च नो ब्राह्मणान् हन्याद् यश्च नो ब्राह्मणान् द्विषेत्।
न न: स समितिं गच्छेद् यश्च नो निर्वपेत् पितॄन्॥ ३३॥
अनुवाद
हममें से जो कोई ब्राह्मण की हत्या करता है, ब्राह्मणों से द्वेष रखता है तथा पितरों का पिण्डदान और तर्पण नहीं करता, उसे हमारी सभा में प्रवेश नहीं करना चाहिए। 33.
Whoever amongst us kills a Brahmin, bears enmity towards Brahmins and does not offer Pinddan and Tarpan to the ancestors should not enter our assembly. 33.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥