भरतश्रेष्ठ! पाण्डव समस्त उत्तम गुणों से सम्पन्न हैं और आपके प्रति पिता के समान आचरण करते हैं; आप भी उनके साथ पुत्रवत व्यवहार करके उनके साथ उचित व्यवहार करें।
Bharatshrestha! Pandavas are blessed with all the best qualities and behave like a father towards you; You too should treat them appropriately by treating them filially.
इति श्रीमहाभारते उद्योगपर्वणि प्रजागरपर्वणि विदुरनीतिवाक्ये पञ्चत्रिंशोऽध्याय:॥ ३५॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत उद्योगपर्वके अन्तर्गत प्रजागरपर्वमें विदुर-नीतिवाक्यविषयक पैंतीसवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ ३५॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥