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श्लोक  5.35.76 
दुर्योधनेऽथ शकुनौ मूढे दु:शासने तथा।
कर्णे चैश्वर्यमाधाय कथं त्वं भूतिमिच्छसि॥ ७६॥
 
 
अनुवाद
राजन! अब आप दुर्योधन, शकुनि, मूर्ख दुःशासन और कर्ण पर राज्य का भार डालकर किस प्रकार अपना कल्याण चाहते हैं?॥ 76॥
 
King! How do you wish to prosper now by placing the burden of the kingdom on Duryodhan, Shakuni, the foolish Dushasan and Karna?॥ 76॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)