Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.35.63: जिस व्यक्ति की बुद्धि बढ़ती है, वह सदैव अच्छे कर्म करता है। इस प्रकार अच्छे कर्म करने वाला मनुष्य अच्छे कर्म करके पुण्य लोक को प्राप्त होता है। इसलिए व्यक्ति को सदैव एकाग्र होकर अच्छे कर्मों का अभ्यास करना चाहिए। | mahabharat अध्याय 5.35: विदुरके द्वारा केशिनीके लिये सुधन्वाके साथ विरोचनके विवादका वर्णन करते हुए धृतराष्ट्रको धर्मोपदेश । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जिस व्यक्ति की बुद्धि बढ़ती है, वह सदैव अच्छे कर्म करता है। इस प्रकार अच्छे कर्म करने वाला मनुष्य अच्छे कर्म करके पुण्य लोक को प्राप्त होता है। इसलिए व्यक्ति को सदैव एकाग्र होकर अच्छे कर्मों का अभ्यास करना चाहिए।
A person whose intelligence increases, always does good deeds. In this way, a man who does good deeds goes to the virtuous world by doing good deeds. Therefore, a person should always concentrate and practice good deeds. 63.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥