vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री महाभारत
»
पर्व 5: उद्योग पर्व
»
अध्याय 35: विदुरके द्वारा केशिनीके लिये सुधन्वाके साथ विरोचनके विवादका वर्णन करते हुए धृतराष्ट्रको धर्मोपदेश
»
श्लोक 6
श्लोक
5.35.6
स्वयंवरे स्थिता कन्या केशिनी नाम नामत:।
रूपेणाप्रतिमा राजन् विशिष्टपतिकाम्यया॥ ६॥
अनुवाद
महाराज! एक समय की बात है, केशिनी नाम की एक सुन्दर कन्या श्रेष्ठ वर चुनने की इच्छा से स्वयंवर सभा में उपस्थित हुई।
King! Once upon a time, a beautiful girl named Keshini appeared in the swayamvara sabha with the desire to choose the best husband.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×