Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.35.59: सत्य, विनय, शास्त्रज्ञान, विद्या, कुलीनता, शील, बल, धन, पराक्रम और सुन्दर वाणी - ये स्वर्ग प्राप्ति के दस कारण हैं। | mahabharat अध्याय 5.35: विदुरके द्वारा केशिनीके लिये सुधन्वाके साथ विरोचनके विवादका वर्णन करते हुए धृतराष्ट्रको धर्मोपदेश । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
सत्यं रूपं श्रुतं विद्या कौल्यं शीलं बलं धनम्।
शौर्यं च चित्रभाष्यं च दशेमे स्वर्गयोनय:॥ ५९॥
अनुवाद
सत्य, विनय, शास्त्रज्ञान, विद्या, कुलीनता, शील, बल, धन, पराक्रम और सुन्दर वाणी - ये स्वर्ग प्राप्ति के दस कारण हैं।
Truth, posture of humility, knowledge of scriptures, learning, nobility, modesty, strength, wealth, valor and speaking wonderfully – these are the ten causes for attaining heaven. 59.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥