Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.35.57: इनमें से प्रथम चार का प्रयोग तो कोई भी व्यक्ति (यहाँ तक कि अभिमानी व्यक्ति भी) अभिमान के लिए कर सकता है, किन्तु अंतिम चार उनमें नहीं रह सकते जो महात्मा नहीं हैं। 57. | mahabharat अध्याय 5.35: विदुरके द्वारा केशिनीके लिये सुधन्वाके साथ विरोचनके विवादका वर्णन करते हुए धृतराष्ट्रको धर्मोपदेश । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
इनमें से प्रथम चार का प्रयोग तो कोई भी व्यक्ति (यहाँ तक कि अभिमानी व्यक्ति भी) अभिमान के लिए कर सकता है, किन्तु अंतिम चार उनमें नहीं रह सकते जो महात्मा नहीं हैं। 57.
Of these, the first four can be used by anyone (even a proud person) for the sake of pride, but the last four cannot remain in those who are not great souls. 57.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥