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mahabharat 5.35.39: विदुर जी कहते हैं - अतः हे राजन! पृथ्वी के हित के लिए झूठ मत बोलो। अपने पुत्र के स्वार्थ के लिए सत्य न बोलकर अपने पुत्र और मंत्रियों सहित विनाश के मुख में मत जाओ।   |   mahabharat अध्याय 5.35: विदुरके द्वारा केशिनीके लिये सुधन्वाके साथ विरोचनके विवादका वर्णन करते हुए धृतराष्ट्रको धर्मोपदेश   ।   mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  5.35.39 
विदुर उवाच
तस्माद् राजेन्द्र भूम्यर्थे नानृतं वक्तुमर्हसि।
मा गम: ससुतामात्यो नाशं पुत्रार्थमब्रुवन्॥ ३९॥
 
 
अनुवाद
विदुर जी कहते हैं - अतः हे राजन! पृथ्वी के हित के लिए झूठ मत बोलो। अपने पुत्र के स्वार्थ के लिए सत्य न बोलकर अपने पुत्र और मंत्रियों सहित विनाश के मुख में मत जाओ।
 
Vidur ji says - Therefore, King! Do not lie for the sake of the earth. Do not go to the mouth of destruction along with your son and ministers by not telling the truth for the sake of your son's selfishness.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)