Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.35.29: सुधन्वा ने कहा- मतिमान्! गौ और जो भी अन्य मूल्यवान धन तुम्हारे पास है, उसे अपने पुत्र विरोचन को दे दो; परन्तु हम दोनों के बीच जो विवाद है, उसमें तुम ठीक-ठीक उत्तर दो॥29॥ | mahabharat अध्याय 5.35: विदुरके द्वारा केशिनीके लिये सुधन्वाके साथ विरोचनके विवादका वर्णन करते हुए धृतराष्ट्रको धर्मोपदेश । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
सुधन्वोवाच
गां प्रदद्यास्त्वौरसाय यद्वान्यत् स्यात् प्रियं धनम्।
द्वयोर्विवदतोस्तथ्यं वाच्यं च मतिमंस्त्वया॥ २९॥
अनुवाद
सुधन्वा ने कहा- मतिमान्! गौ और जो भी अन्य मूल्यवान धन तुम्हारे पास है, उसे अपने पुत्र विरोचन को दे दो; परन्तु हम दोनों के बीच जो विवाद है, उसमें तुम ठीक-ठीक उत्तर दो॥29॥
Sudhanva said – Matiman! Give the cow and whatever other valuable wealth you have to your son Virochana; But in the dispute between us, you must answer correctly. 29॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥