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mahabharat 5.35.26: प्रह्लाद ने कहा, "सेवकों! सुधन्वा के लिए भी जल और मधुपर्क लाओ। [फिर उन्होंने सुधन्वा से कहा,] हे ब्राह्मण! आप मेरे सम्मानित अतिथि हैं। मैंने आपको दान देने के लिए एक बहुत मोटी और ताज़ा सफेद गाय रखी है।"   |   mahabharat अध्याय 5.35: विदुरके द्वारा केशिनीके लिये सुधन्वाके साथ विरोचनके विवादका वर्णन करते हुए धृतराष्ट्रको धर्मोपदेश   ।   mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  5.35.26 
प्रह्राद उवाच
उदकं मधुपर्कं वाप्यानयन्तु सुधन्वने।
ब्रह्मन्नभ्यर्चनीयोऽसि श्वेता गौ: पीवरी कृता॥ २६॥
 
 
अनुवाद
प्रह्लाद ने कहा, "सेवकों! सुधन्वा के लिए भी जल और मधुपर्क लाओ। [फिर उन्होंने सुधन्वा से कहा,] हे ब्राह्मण! आप मेरे सम्मानित अतिथि हैं। मैंने आपको दान देने के लिए एक बहुत मोटी और ताज़ा सफेद गाय रखी है।"
 
Prahlada said, "Servants! Bring water and madhupark for Sudhanva as well. [Then he said to Sudhanva,] O Brahman! You are my esteemed guest. I have kept a very fat and fresh white cow to donate to you."
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)