किं वै सहैवं चरथो न पुरा चरथ: सह।
विरोचनैतत् पृच्छामि किं ते सख्यं सुधन्वना॥ २४॥
अनुवाद
[तब उन्होंने सार्वजनिक रूप में विरोचन से कहा-] विरोचन! मैं तुमसे पूछता हूँ, क्या तुम सुधन्वा के साथ मित्र हो गए हो? फिर तुम दोनों एक साथ कैसे आ रहे हो? पहले तुम दोनों कभी साथ-साथ नहीं चलते थे॥ 24॥
[Then he said to Virochana in public form -] Virochana! I ask you, have you become friends with Sudhanva? Then how come you are coming together? Earlier you both never used to walk together.॥ 24॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥