Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.35.21: सुधन्वा ने कहा, "यदि हमारे प्राण संकट में हों, तो हम दोनों तुम्हारे पिता के पास चलेंगे। [मुझे विश्वास है कि] प्रह्लाद अपने पुत्र के प्राणों की रक्षा के लिए भी झूठ नहीं बोल सकता।" 21. | mahabharat अध्याय 5.35: विदुरके द्वारा केशिनीके लिये सुधन्वाके साथ विरोचनके विवादका वर्णन करते हुए धृतराष्ट्रको धर्मोपदेश । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
सुधन्वोवाच
पितरं ते गमिष्याव: प्राणयोर्विपणे कृते।
पुत्रस्यापि स हेतोर्हि प्रह्रादो नानृतं वदेत्॥ २१॥
अनुवाद
सुधन्वा ने कहा, "यदि हमारे प्राण संकट में हों, तो हम दोनों तुम्हारे पिता के पास चलेंगे। [मुझे विश्वास है कि] प्रह्लाद अपने पुत्र के प्राणों की रक्षा के लिए भी झूठ नहीं बोल सकता।" 21.
Sudhanva said, "If our lives are at stake, we both will go to your father. [I am sure that] Prahlada cannot lie even for the sake of his son's life." 21.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥