श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 35: विदुरके द्वारा केशिनीके लिये सुधन्वाके साथ विरोचनके विवादका वर्णन करते हुए धृतराष्ट्रको धर्मोपदेश  »  श्लोक 19
 
 
श्लोक  5.35.19 
सुधन्वोवाच
हिरण्यं च गवाश्वं च तवैवास्तु विरोचन।
प्राणयोस्तु पणं कृत्वा प्रश्नं पृच्छाव ये विदु:॥ १९॥
 
 
अनुवाद
सुधन्वा ने कहा- विरोचन! सोना, गाय और घोड़ा तुम्हारे पास ही रहना चाहिए। हम अपनी जान जोखिम में डालकर, जो जानते हैं उनसे पूछेंगे।
 
Sudhanva said— Virochana! The gold, the cow and the horse should remain with you. We will risk our lives and ask those who know.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)