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श्री महाभारत
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पर्व 5: उद्योग पर्व
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अध्याय 35: विदुरके द्वारा केशिनीके लिये सुधन्वाके साथ विरोचनके विवादका वर्णन करते हुए धृतराष्ट्रको धर्मोपदेश
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श्लोक 11
श्लोक
5.35.11
विरोचन उवाच
तथा भद्रे करिष्यामि यथा त्वं भीरु भाषसे।
सुधन्वानं च मां चैव प्रातर्द्रष्टासि संगतौ॥ ११॥
अनुवाद
विरोचन ने कहा- कल्याणी! मैं जैसा कहूँ वैसा ही करूँगा। कायर! प्रातःकाल तुम मुझे और सुधन्वा को एक साथ उपस्थित देखोगे।
Virochan said- Kalyani! I will do as you say. Coward! In the morning you will see me and Sudhanva present together. 11.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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