Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.34.8: किसी भी उद्देश्य से किए गए कार्य में पहले उद्देश्य को समझना चाहिए। कोई भी कार्य करने से पहले अच्छी तरह सोच लेना चाहिए; जल्दबाजी में कोई भी कार्य आरम्भ नहीं करना चाहिए।॥8॥ | mahabharat अध्याय 5.34: धृतराष्ट्रके प्रति विदुरजीके नीतियुक्त वचन । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
अनुबन्धानपेक्षेत सानुबन्धेषु कर्मसु।
सम्प्रधार्य च कुर्वीत न वेगेन समाचरेत्॥ ८॥
अनुवाद
किसी भी उद्देश्य से किए गए कार्य में पहले उद्देश्य को समझना चाहिए। कोई भी कार्य करने से पहले अच्छी तरह सोच लेना चाहिए; जल्दबाजी में कोई भी कार्य आरम्भ नहीं करना चाहिए।॥8॥
In any work done with a purpose, one must first understand the purpose. One must think well before doing anything; one must not start any work in a hurry.॥ 8॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥