Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.34.77: राजा! मधुर वचन कहने से अनेक प्रकार से कल्याण होता है; किन्तु यदि वही वचन कटु वचन कहे जाएँ तो महान् दुर्भाग्य का कारण बन जाता है ॥ 77॥ | mahabharat अध्याय 5.34: धृतराष्ट्रके प्रति विदुरजीके नीतियुक्त वचन । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
राजा! मधुर वचन कहने से अनेक प्रकार से कल्याण होता है; किन्तु यदि वही वचन कटु वचन कहे जाएँ तो महान् दुर्भाग्य का कारण बन जाता है ॥ 77॥
King! Something spoken in sweet words brings welfare in many ways; but if the same is said in harsh words then it becomes the cause of great misfortune. ॥ 77॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥