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mahabharat 5.34.69: इन्द्रियों पर नियंत्रण न होने के कारण बड़े-बड़े महात्मा भी कर्मों से बंधे रहते हैं और राजा भी राज्य के सुख-विलास से बंधे रहते हैं ॥69॥   |   mahabharat अध्याय 5.34: धृतराष्ट्रके प्रति विदुरजीके नीतियुक्त वचन   ।   mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 34: धृतराष्ट्रके प्रति विदुरजीके नीतियुक्त वचन  »  श्लोक 69
 
 
श्लोक  5.34.69 
दृश्यन्ते हि महात्मानो बध्यमाना: स्वकर्मभि:।
इन्द्रियाणामनीशत्वाद् राजानो राज्यविभ्रमै:॥ ६९॥
 
 
अनुवाद
इन्द्रियों पर नियंत्रण न होने के कारण बड़े-बड़े महात्मा भी कर्मों से बंधे रहते हैं और राजा भी राज्य के सुख-विलास से बंधे रहते हैं ॥69॥
 
Due to lack of control over the senses, even great saints remain bound by their actions and kings remain bound by the pleasures and luxuries of the kingdom. ॥ 69॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)