Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 5.34.51: राजन! इस संसार में धनवान लोगों में प्रायः अन्न पचाने की शक्ति नहीं होती, परन्तु निर्धनों के पेट में लकड़ी भी पच जाती है। 51॥   |   mahabharat अध्याय 5.34: धृतराष्ट्रके प्रति विदुरजीके नीतियुक्त वचन   ।   mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 34: धृतराष्ट्रके प्रति विदुरजीके नीतियुक्त वचन  »  श्लोक 51
 
 
श्लोक  5.34.51 
प्रायेण श्रीमतां लोके भोक्तुं शक्तिर्न विद्यते।
जीर्यन्त्यपि हि काष्ठानि दरिद्राणां महीपते॥ ५१॥
 
 
अनुवाद
राजन! इस संसार में धनवान लोगों में प्रायः अन्न पचाने की शक्ति नहीं होती, परन्तु निर्धनों के पेट में लकड़ी भी पच जाती है। 51॥
 
Rajan! In this world, the rich people generally do not have the power to digest food, but even wood gets digested in the stomach of the poor. 51॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)