Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 5.34.40: अच्छी तरह से देखभाल करने से गौरव की रक्षा होती है, बाहर निकालने से घोड़े सुरक्षित रहते हैं, बार-बार देखभाल करने से गायों की रक्षा होती है और स्त्रियाँ गंदे वस्त्रों से सुरक्षित रहती हैं ॥40॥   |   mahabharat अध्याय 5.34: धृतराष्ट्रके प्रति विदुरजीके नीतियुक्त वचन   ।   mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 34: धृतराष्ट्रके प्रति विदुरजीके नीतियुक्त वचन  »  श्लोक 40
 
 
श्लोक  5.34.40 
मानेन रक्ष्यते धान्यमश्वान् रक्षत्यनुक्रम:।
अभीक्ष्णदर्शनं गाश्च स्त्रियो रक्ष्या: कुचैलत:॥ ४०॥
 
 
अनुवाद
अच्छी तरह से देखभाल करने से गौरव की रक्षा होती है, बाहर निकालने से घोड़े सुरक्षित रहते हैं, बार-बार देखभाल करने से गायों की रक्षा होती है और स्त्रियाँ गंदे वस्त्रों से सुरक्षित रहती हैं ॥40॥
 
By taking good care pride is protected, by turning them out horses are safe, by frequent care cows are protected and women are protected from dirty clothes. ॥ 40॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)