Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.34.4: विदुर जी बोले - हे राजन! मनुष्य को चाहिए कि जिसकी पराजय नहीं चाहता, उसे चाहे जो भी हो, अच्छा हो या बुरा, हितकारी हो या अहितकारी, उससे बिना पूछे ही बता दे। | mahabharat अध्याय 5.34: धृतराष्ट्रके प्रति विदुरजीके नीतियुक्त वचन । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
विदुर उवाच
शुभं वा यदि वा पापं द्वेष्यं वा यदि वा प्रियम्।
अपृष्टस्तस्य तद् ब्रूयाद् यस्य नेच्छेत् पराभवम्॥ ४॥
अनुवाद
विदुर जी बोले - हे राजन! मनुष्य को चाहिए कि जिसकी पराजय नहीं चाहता, उसे चाहे जो भी हो, अच्छा हो या बुरा, हितकारी हो या अहितकारी, उससे बिना पूछे ही बता दे।
Vidur Ji said - O King! A man should tell the person whose defeat he does not want, whatever it is, good or bad, beneficial or harmful, without even asking him.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥