Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 5.33.82: राजन! धन की प्राप्ति, सदा स्वस्थ रहना, प्रिय और स्नेही पत्नी का होना, पुत्र के वश में रहना और धन उत्पन्न करने वाली विद्या का ज्ञान - ये छह बातें इस मनुष्य लोक में सुख पहुँचाती हैं ॥82॥   |   mahabharat अध्याय 5.33: धृतराष्ट्र-विदुर-संवाद   ।   mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 33: धृतराष्ट्र-विदुर-संवाद  »  श्लोक 82
 
 
श्लोक  5.33.82 
अर्थागमो नित्यमरोगिता च
प्रिया च भार्या प्रियवादिनी च।
वश्यश्च पुत्रोऽर्थकरी च विद्या
षड् जीवलोकस्य सुखानि राजन्॥ ८२॥
 
 
अनुवाद
राजन! धन की प्राप्ति, सदा स्वस्थ रहना, प्रिय और स्नेही पत्नी का होना, पुत्र के वश में रहना और धन उत्पन्न करने वाली विद्या का ज्ञान - ये छह बातें इस मनुष्य लोक में सुख पहुँचाती हैं ॥82॥
 
Rajan! Acquiring wealth, being healthy all the time, having a friendly and loving wife, being under the control of the son and knowledge of the knowledge that creates wealth - these six things bring happiness in this human world. 82॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)