Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 5.33.75: जो मनुष्य देवता, पितर, मनुष्य, मुनि और अतिथि - इन पाँचों का पूजन करता है, वह शुद्ध यश प्राप्त करता है ॥ 75॥   |   mahabharat अध्याय 5.33: धृतराष्ट्र-विदुर-संवाद   ।   mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 33: धृतराष्ट्र-विदुर-संवाद  »  श्लोक 75
 
 
श्लोक  5.33.75 
पञ्चैव पूजयँल्लोके यश: प्राप्नोति केवलम्।
देवान् पितॄन् मनुष्यांश्च भिक्षूनतिथिपञ्चमान्॥ ७५॥
 
 
अनुवाद
जो मनुष्य देवता, पितर, मनुष्य, मुनि और अतिथि - इन पाँचों का पूजन करता है, वह शुद्ध यश प्राप्त करता है ॥ 75॥
 
A man who worships the gods, ancestors, human beings, saints and guests - these five - achieves pure fame. ॥ 75॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)