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त्रय एवाधना राजन् भार्या दासस्तथा सुत:।
यत् ते समधिगच्छन्ति यस्य ते तस्य तद् धनम्॥ ६४॥
अनुवाद
हे राजन! केवल तीन ही धन के अधिकारी नहीं माने जाते - पत्नी, पुत्र और दास। वे जो कुछ कमाते हैं, वह धन उसी का होता है जिसके अधीन वे रहते हैं।
O King! Only three are not considered to be entitled to wealth- wife, son and slave. Whatever they earn, that wealth belongs to the one under whose control they live. 64.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥