Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.33.46: अकेले स्वादिष्ट भोजन न करो, अकेले किसी बात का निर्णय न करो, अकेले मार्ग पर न चलो और यदि बहुत से लोग सो रहे हों तो अकेले न जागते रहो ॥46॥ | mahabharat अध्याय 5.33: धृतराष्ट्र-विदुर-संवाद । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
एक: स्वादु न भुञ्जीत एकश्चार्थान् न चिन्तयेत्।
एको न गच्छेदध्वानं नैक: सुप्तेषु जागृयात्॥ ४६॥
अनुवाद
अकेले स्वादिष्ट भोजन न करो, अकेले किसी बात का निर्णय न करो, अकेले मार्ग पर न चलो और यदि बहुत से लोग सो रहे हों तो अकेले न जागते रहो ॥46॥
Don't eat delicious food alone, don't decide on anything alone, don't walk alone on a road and if many people are sleeping then don't remain awake alone. ॥ 46॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥