Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 5.33.32: जो अपने से प्रेम न करनेवालों से प्रेम करता है, अपने से प्रेम करनेवालों को त्याग देता है, तथा अपने से बलवानों को शत्रु बना लेता है, वह मूढ़ विचारवाला मनुष्य कहलाता है ॥32॥   |   mahabharat अध्याय 5.33: धृतराष्ट्र-विदुर-संवाद   ।   mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 33: धृतराष्ट्र-विदुर-संवाद  »  श्लोक 32
 
 
श्लोक  5.33.32 
अकामान् कामयति य: कामयानान् परित्यजेत्।
बलवन्तं च यो द्वेष्टि तमाहुर्मूढचेतसम्॥ ३२॥
 
 
अनुवाद
जो अपने से प्रेम न करनेवालों से प्रेम करता है, अपने से प्रेम करनेवालों को त्याग देता है, तथा अपने से बलवानों को शत्रु बना लेता है, वह मूढ़ विचारवाला मनुष्य कहलाता है ॥32॥
 
He who loves those who do not love him and abandons those who love him, and who makes an enemy of those who are stronger than him, is called a man of foolish thoughts. ॥ 32॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)