Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 5.33.25: भरतकुलभूषण! पंडित लोग अच्छे कर्मों में रुचि रखते हैं, उन्नति के लिए कार्य करते हैं और अच्छे कर्म करने वालों में दोष नहीं देखते॥25॥   |   mahabharat अध्याय 5.33: धृतराष्ट्र-विदुर-संवाद   ।   mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 33: धृतराष्ट्र-विदुर-संवाद  »  श्लोक 25
 
 
श्लोक  5.33.25 
आर्यकर्मणि रज्यन्ते भूतिकर्माणि कुर्वते।
हितं च नाभ्यसूयन्ति पण्डिता भरतर्षभ॥ २५॥
 
 
अनुवाद
भरतकुलभूषण! पंडित लोग अच्छे कर्मों में रुचि रखते हैं, उन्नति के लिए कार्य करते हैं और अच्छे कर्म करने वालों में दोष नहीं देखते॥25॥
 
Bharatkulbhushan! Pundits are interested in good deeds, work for progress and do not find fault in those who do good. 25॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)