Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 5.32.9: उन्होंने बड़े हर्ष से आपके पुत्रों के विषय में पूछा है। हे राजन! क्या आप अपने पुत्रों, पौत्रों, मित्रों, मंत्रियों तथा उन सभी लोगों के साथ प्रसन्न हैं, जो अपनी जीविका के लिए आप पर निर्भर हैं?॥9॥   |   mahabharat अध्याय 5.32: अर्जुनद्वारा कौरवोंके लिये संदेश देना, संजयका हस्तिनापुर जा धृतराष्ट्रसे मिलकर उन्हें युधिष्ठिरका कुशल-समाचार कहकर धृतराष्ट्रके कार्यकी निन्दा करना   ।   mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 32: अर्जुनद्वारा कौरवोंके लिये संदेश देना, संजयका हस्तिनापुर जा धृतराष्ट्रसे मिलकर उन्हें युधिष्ठिरका कुशल-समाचार कहकर धृतराष्ट्रके कार्यकी निन्दा करना  »  श्लोक 9
 
 
श्लोक  5.32.9 
स ते पुत्रान् पृच्छति प्रीयमाण:
कच्चित् पुत्रै: प्रीयसे नप्तृभिश्च।
तथा सुहृद्भि: सचिवैश्च राजन्
ये चापि त्वामुपजीवन्ति तैश्च॥ ९॥
 
 
अनुवाद
उन्होंने बड़े हर्ष से आपके पुत्रों के विषय में पूछा है। हे राजन! क्या आप अपने पुत्रों, पौत्रों, मित्रों, मंत्रियों तथा उन सभी लोगों के साथ प्रसन्न हैं, जो अपनी जीविका के लिए आप पर निर्भर हैं?॥9॥
 
He has asked about your sons with great joy. O King! Are you happy with your sons, grandsons, friends, ministers and all those who depend on you for their livelihood?॥ 9॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)