Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.32.10: धृतराष्ट्र बोले, "महाराज संजय! मैं आपका स्वागत करता हूँ और पूछता हूँ कि कुन्तीपुत्र अजातशत्रु युधिष्ठिर कुशल से तो हैं? कौरवराज युधिष्ठिर अपने पुत्रों, मन्त्रियों और छोटे भाइयों सहित सकुशल तो हैं?॥10॥ | mahabharat अध्याय 5.32: अर्जुनद्वारा कौरवोंके लिये संदेश देना, संजयका हस्तिनापुर जा धृतराष्ट्रसे मिलकर उन्हें युधिष्ठिरका कुशल-समाचार कहकर धृतराष्ट्रके कार्यकी निन्दा करना । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
धृतराष्ट्र उवाच
अभिनन्द्य त्वां तात वदामि संजय
अजातशत्रुं च सुखेन पार्थम्।
कच्चित् स राजा कुशली सपुत्र:
सहामात्य: सानुज: कौरवाणाम्॥ १०॥
अनुवाद
धृतराष्ट्र बोले, "महाराज संजय! मैं आपका स्वागत करता हूँ और पूछता हूँ कि कुन्तीपुत्र अजातशत्रु युधिष्ठिर कुशल से तो हैं? कौरवराज युधिष्ठिर अपने पुत्रों, मन्त्रियों और छोटे भाइयों सहित सकुशल तो हैं?॥10॥
Dhritarashtra said, "Sir Sanjaya! I welcome you and ask whether Kunti's son Ajatashatru Yudhishthira is well. Is the Kaurava king Yudhishthira safe along with his sons, ministers and younger brothers?॥10॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥