Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.31.15: सौम्य! आपने हमें मृगचर्म पहनाकर वन में निर्वासित कर दिया। हम उस कष्ट को सहने को तैयार हैं, ताकि हमें कौरवों का वध न करना पड़े॥ 15॥ | mahabharat अध्याय 5.31: युधिष्ठिरका मुख्य-मुख्य कुरुवंशियोंके प्रति संदेश । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
सौम्य! आपने हमें मृगचर्म पहनाकर वन में निर्वासित कर दिया। हम उस कष्ट को सहने को तैयार हैं, ताकि हमें कौरवों का वध न करना पड़े॥ 15॥
Soumya! You made us wear deerskin and exiled us to the forest. We are willing to endure that suffering so that we don't have to kill the Kauravas.॥ 15॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥