Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.30.22: संजय! इनके अतिरिक्त कुरुवंश के अन्य श्रेष्ठ युवकों से भी यही बात कहो, जो हमारे पुत्र, पौत्र और भाई हैं, जिन्हें तुम आचरण के योग्य समझते हो, तथा उन सबसे कहो कि पाण्डव स्वस्थ और प्रसन्न हैं। | mahabharat अध्याय 5.30: संजयकी विदाई तथा युधिष्ठिरका संदेश । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
ये चैवान्ये कुरुमुख्या युवान:
पुत्रा: पौत्रा भ्रातरश्चैव ये न:।
यं यमेषां मन्यसे येन योग्यं
तत् तत् प्रोच्यानामयं सूत वाच्या:॥ २२॥
अनुवाद
संजय! इनके अतिरिक्त कुरुवंश के अन्य श्रेष्ठ युवकों से भी यही बात कहो, जो हमारे पुत्र, पौत्र और भाई हैं, जिन्हें तुम आचरण के योग्य समझते हो, तथा उन सबसे कहो कि पाण्डव स्वस्थ और प्रसन्न हैं।
Sanjaya! Besides these, tell the same thing to the other prominent young men of the Kuru clan, who are our sons, grandsons and brothers, whomever you think worthy of behavior, and tell them all that the Pandavas are healthy and happy.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥