Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.3.13-14h: यदि वह परम बुद्धिमान युधिष्ठिर के चरणों में गिरने का निश्चय नहीं करता, तो उसे अपने मंत्रियों के साथ यमलोक की यात्रा करनी पड़ेगी। | mahabharat अध्याय 5.3: सात्यकिके वीरोचित उद्गार । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
अथ ते न व्यवस्यन्ति प्रणिपाताय धीमत:॥ १३॥
गमिष्यन्ति सहामात्या यमस्य सदनं प्रति।
अनुवाद
यदि वह परम बुद्धिमान युधिष्ठिर के चरणों में गिरने का निश्चय नहीं करता, तो उसे अपने मंत्रियों के साथ यमलोक की यात्रा करनी पड़ेगी।
If he does not decide to fall at the feet of the most intelligent Yudhishthira, then he will have to travel to Yamaloka along with his ministers. 13 1/2
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥