अनुनीता हि भीष्मेण द्रोणेन विदुरेण च॥ ११॥
न व्यवस्यन्ति पाण्डूनां प्रदातुं पैतृकं वसु।
अनुवाद
भीष्म, द्रोण और विदुर के बार-बार अनुरोध करने पर भी वह पाण्डवों को पैतृक सम्पत्ति लौटाने का कोई निर्णय या प्रयास नहीं कर रहा है ॥11 1/2॥
In spite of repeated requests by Bhishma, Drona and Vidura, he is not making any decision or effort to return the ancestral property to the Pandavas. ॥ 11 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥