Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.29.9: ये देवता अपने कर्मों से ही स्वर्ग में चमकते हैं। वायुदेव अपने कर्मों का पालन करते हुए संसार में विचरण करते हैं और सूर्यदेव अपने आलस्य को त्यागकर अपने कर्मों से ही दिन-रात का विभाजन करके प्रतिदिन उदय होते हैं।॥9॥ | mahabharat अध्याय 5.29: संजयकी बातोंका प्रत्युत्तर देते हुए श्रीकृष्णका उसे धृतराष्ट्रके लिये चेतावनी देना । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
ये देवता अपने कर्मों से ही स्वर्ग में चमकते हैं। वायुदेव अपने कर्मों का पालन करते हुए संसार में विचरण करते हैं और सूर्यदेव अपने आलस्य को त्यागकर अपने कर्मों से ही दिन-रात का विभाजन करके प्रतिदिन उदय होते हैं।॥9॥
These gods shine in heaven only by their actions. The wind god roams around the world by following his actions and the sun god rises every day by dividing day and night by his actions, leaving behind his laziness.॥ 9॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥