Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.29.6: कुछ लोग कर्मयोग (गृहस्थाश्रम में रहकर) से ही परलोक में सिद्धि प्राप्त करने की बात करते हैं, अन्य लोग कर्म का परित्याग करके केवल ज्ञान से ही सिद्धि (मोक्ष) प्राप्त करने की बात करते हैं। विद्वान् पुरुष भी इस लोक में भक्ष्य पदार्थ खाए बिना तृप्त नहीं हो सकता, इसलिए विद्वान् ब्राह्मण के लिए भी भूख मिटाने के लिए भोजन करने का विधान है। 6॥ | mahabharat अध्याय 5.29: संजयकी बातोंका प्रत्युत्तर देते हुए श्रीकृष्णका उसे धृतराष्ट्रके लिये चेतावनी देना । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
कुछ लोग कर्मयोग (गृहस्थाश्रम में रहकर) से ही परलोक में सिद्धि प्राप्त करने की बात करते हैं, अन्य लोग कर्म का परित्याग करके केवल ज्ञान से ही सिद्धि (मोक्ष) प्राप्त करने की बात करते हैं। विद्वान् पुरुष भी इस लोक में भक्ष्य पदार्थ खाए बिना तृप्त नहीं हो सकता, इसलिए विद्वान् ब्राह्मण के लिए भी भूख मिटाने के लिए भोजन करने का विधान है। 6॥
Some people talk about attaining success in the next world only through Karmayoga (living in Grihasthashram), others give up Karma and give away Siddhi (salvation) only through knowledge. Even a learned man cannot be satisfied in this world without eating edible things, hence there is a rule for a learned Brahmin also to eat to satisfy hunger. 6॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥