Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.29.58: हे विद्वान संजय! धर्म के मार्ग पर चलने वाले महाबली पाण्डव शान्ति के लिए तत्पर हैं और युद्ध करने में भी समर्थ हैं। इन दोनों स्थितियों को समझकर तुम्हें राजा धृतराष्ट्र से सत्य कहना चाहिए॥ 58॥ | mahabharat अध्याय 5.29: संजयकी बातोंका प्रत्युत्तर देते हुए श्रीकृष्णका उसे धृतराष्ट्रके लिये चेतावनी देना । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हे विद्वान संजय! धर्म के मार्ग पर चलने वाले महाबली पाण्डव शान्ति के लिए तत्पर हैं और युद्ध करने में भी समर्थ हैं। इन दोनों स्थितियों को समझकर तुम्हें राजा धृतराष्ट्र से सत्य कहना चाहिए॥ 58॥
Learned Sanjaya! The great Pandavas who follow the path of Dharma are ready for peace as well as capable of fighting a war. After understanding both these situations, you should tell the truth to King Dhritarashtra. ॥ 58॥
इति श्रीमहाभारते उद्योगपर्वणि सञ्जययानपर्वणि कृष्णवाक्ये एकोनत्रिंशोऽध्याय:॥ २९॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत उद्योगपर्वके अन्तर्गत संजययानपर्वमें श्रीकृष्णवाक्यसम्बन्धी उनतीसवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ २९॥
[दाक्षिणात्य अधिक पाठका १ श्लोक मिलाकर कुल ५९ श्लोक हैं।]
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥