Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.28.9-10: यहाँ धर्म के अधिष्ठाता, कुशल रणनीतिकार, ब्राह्मणभक्त और ऋषि भगवान श्रीकृष्ण विराजमान हैं, जो नाना प्रकार के महान पराक्रमी क्षत्रियों और भोजवंशियों पर शासन करते हैं। यदि मैं रणनीति या संधि का परित्याग करके आलोचना का पात्र बनूँ, अथवा युद्ध के लिए तैयार होकर अपने धर्म का उल्लंघन करूँ, तो ये महान वासुदेवनन्दन भगवान श्रीकृष्ण अपने विचार प्रकट करें; क्योंकि वे दोनों पक्षों का हित चाहते हैं। | mahabharat अध्याय 5.28: संजयको युधिष्ठिरका उत्तर । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
यहाँ धर्म के अधिष्ठाता, कुशल रणनीतिकार, ब्राह्मणभक्त और ऋषि भगवान श्रीकृष्ण विराजमान हैं, जो नाना प्रकार के महान पराक्रमी क्षत्रियों और भोजवंशियों पर शासन करते हैं। यदि मैं रणनीति या संधि का परित्याग करके आलोचना का पात्र बनूँ, अथवा युद्ध के लिए तैयार होकर अपने धर्म का उल्लंघन करूँ, तो ये महान वासुदेवनन्दन भगवान श्रीकृष्ण अपने विचार प्रकट करें; क्योंकि वे दोनों पक्षों का हित चाहते हैं।
Here sits Lord Shri Krishna, the master of religion, skilled strategist, Brahmin devotee and sage, who rules over various types of great powerful Kshatriyas and Bhojvanshis. If I become an object of criticism by abandoning the strategy or treaty, or by getting ready for war, I violate my dharma, then may this great Vasudevanandan Lord Shri Krishna express his thoughts; Because they want the benefit of both the parties.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥