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mahabharat 5.28.13: काशी के राजा बभ्रु (पौंड्रक वसुदेव के छोटे भाई) श्रीकृष्ण को राज-भाई बनाकर राज्य की उत्तम सम्पत्ति के अधिकारी हो गए हैं। भगवान श्रीकृष्ण बभ्रु पर सभी इच्छित सुखों की उसी प्रकार वर्षा करते हैं, जिस प्रकार वर्षा ऋतु में बादल प्रजा पर जल बरसाते हैं।   |   mahabharat अध्याय 5.28: संजयको युधिष्ठिरका उत्तर   ।   mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 28: संजयको युधिष्ठिरका उत्तर  »  श्लोक 13
 
 
श्लोक  5.28.13 
काश्यो बभ्रु: श्रियमुत्तमां गतो
लब्ध्वा कृष्णं भ्रातरमीशितारम्।
यस्मै कामान् वर्षति वासुदेवो
ग्रीष्मात्यये मेघ इव प्रजाभ्य:॥ १३॥
 
 
अनुवाद
काशी के राजा बभ्रु (पौंड्रक वसुदेव के छोटे भाई) श्रीकृष्ण को राज-भाई बनाकर राज्य की उत्तम सम्पत्ति के अधिकारी हो गए हैं। भगवान श्रीकृष्ण बभ्रु पर सभी इच्छित सुखों की उसी प्रकार वर्षा करते हैं, जिस प्रकार वर्षा ऋतु में बादल प्रजा पर जल बरसाते हैं।
 
King Babhru of Kashi (younger brother of Paundraka Vasudeva) has become entitled to the best wealth of the kingdom by having Shri Krishna as his ruling brother. Lord Krishna showers all the desired pleasures on Babhru in the same way as the clouds shower water on the people during the rainy season.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)