Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 5.28.12: श्रीकृष्ण की बताई हुई नीति के अनुसार आचरण करके वृष्णि और अंधक वंश के सभी उग्रसेन तथा अन्य क्षत्रिय इन्द्र के समान शक्तिशाली हो गए हैं और सभी यादव मनस्वी, सत्यवादी, अत्यंत पराक्रमी और भोग-विलास से युक्त हो गए हैं॥12॥   |   mahabharat अध्याय 5.28: संजयको युधिष्ठिरका उत्तर   ।   mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 28: संजयको युधिष्ठिरका उत्तर  »  श्लोक 12
 
 
श्लोक  5.28.12 
वृष्ण्यन्धका ह्युग्रसेनादयो वै
कृष्णप्रणीता: सर्व एवेन्द्रकल्पा:।
मनस्विन: सत्यपरायणाश्च
महाबला यादवा भोगवन्त:॥ १२॥
 
 
अनुवाद
श्रीकृष्ण की बताई हुई नीति के अनुसार आचरण करके वृष्णि और अंधक वंश के सभी उग्रसेन तथा अन्य क्षत्रिय इन्द्र के समान शक्तिशाली हो गए हैं और सभी यादव मनस्वी, सत्यवादी, अत्यंत पराक्रमी और भोग-विलास से युक्त हो गए हैं॥12॥
 
By behaving according to the policy told by Shri Krishna, all the Ugrasenas and other Kshatriyas of the Vrishni and Andhak dynasty have become as powerful as Indra and all the Yadavs have become mindful, truthful, very powerful and endowed with material enjoyment. 12॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)