Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.27.9: जो ब्रह्मचर्य में प्रवृत्त नहीं होता, धर्म को त्यागकर अधर्म का आचरण करता है और जो मूर्ख परलोक में विश्वास नहीं करता, वह मनुष्य शरीर त्यागने के बाद परलोक में महान दुःख भोगता है ॥9॥ | mahabharat अध्याय 5.27: संजयका युधिष्ठिरको युद्धमें दोषकी सम्भावना बतलाकर उन्हें युद्धसे उपरत करनेका प्रयत्न करना । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जो ब्रह्मचर्य में प्रवृत्त नहीं होता, धर्म को त्यागकर अधर्म का आचरण करता है और जो मूर्ख परलोक में विश्वास नहीं करता, वह मनुष्य शरीर त्यागने के बाद परलोक में महान दुःख भोगता है ॥9॥
The one who is not inclined towards celibacy, abandons religion and practices unrighteousness and the foolish one who does not believe in the next world, after leaving the human body, he faces great suffering in the next world. 9॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥