Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.27.18: मत्स्य देश के राजा विराट, अपने पुत्रों और आक्रमण में कुशल वीर सैनिकों सहित स्वर्ण रथ से सुशोभित होकर, तथा अन्य अनेक राजा, जिन्हें तुमने पहले युद्ध में पराजित किया था, वे सब-के-सब युद्ध में तुम्हारा पक्ष लेंगे॥ 18॥ | mahabharat अध्याय 5.27: संजयका युधिष्ठिरको युद्धमें दोषकी सम्भावना बतलाकर उन्हें युद्धसे उपरत करनेका प्रयत्न करना । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
मत्स्यो राजा रुक्मरथ: सपुत्र:
प्रहारिभि: सह वीरैर्विराट:।
राजानश्च ये विजिता: पुरस्तात्
त्वामेव ते संश्रयेयु: समस्ता:॥ १८॥
अनुवाद
मत्स्य देश के राजा विराट, अपने पुत्रों और आक्रमण में कुशल वीर सैनिकों सहित स्वर्ण रथ से सुशोभित होकर, तथा अन्य अनेक राजा, जिन्हें तुमने पहले युद्ध में पराजित किया था, वे सब-के-सब युद्ध में तुम्हारा पक्ष लेंगे॥ 18॥
King Virat of Matsya country, adorned with a golden chariot along with his sons and valiant soldiers skilled in attacking, and many other kings whom you had defeated in the war earlier, all of them would take your side in the battle.॥ 18॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥