Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.26.27: सूत! यदि राजा धृतराष्ट्र अपने पुत्रों सहित यह अच्छी तरह समझ लें कि पाण्डवों को राज्य न देना उचित नहीं है, तो धृतराष्ट्र के सभी पुत्र युद्धस्थल में पाण्डवों की क्रोधाग्नि में जलकर मरने से बच जाएँगे॥ 27॥ | mahabharat अध्याय 5.26: युधिष्ठिरका संजयको इन्द्रप्रस्थ लौटानेसे ही शान्ति होना सम्भव बतलाना । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
स चेदेतां प्रतिपद्येत बुद्धिं
वृद्धो राजा सह पुत्रेण सूत।
एवं रणे पाण्डवकोपदग्धा
न नश्येयु: संजय धार्तराष्ट्रा:॥ २७॥
अनुवाद
सूत! यदि राजा धृतराष्ट्र अपने पुत्रों सहित यह अच्छी तरह समझ लें कि पाण्डवों को राज्य न देना उचित नहीं है, तो धृतराष्ट्र के सभी पुत्र युद्धस्थल में पाण्डवों की क्रोधाग्नि में जलकर मरने से बच जाएँगे॥ 27॥
Suta! If King Dhritarashtra, along with his sons, understands well that it is not right to not give the kingdom to the Pandavas, then all the sons of Dhritarashtra will be saved from being burnt to death in the fire of anger of the Pandavas in the battlefield.॥ 27॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥