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mahabharat 5.25.11: राजन! इसी प्रकार द्रोणाचार्य, भीष्म, अश्वत्थामा, शल्य, कृपाचार्य आदि वीर योद्धाओं सहित कर्ण द्वारा रक्षित कौरवों को युद्ध में परास्त करने का साहस कौन जुटा सकता है?॥ 11॥   |   mahabharat अध्याय 5.25: संजयका युधिष्ठिरको धृतराष्ट्रका संदेश सुनाना एवं अपनी ओरसे भी शान्तिके लिये प्रार्थना करना   ।   mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 25: संजयका युधिष्ठिरको धृतराष्ट्रका संदेश सुनाना एवं अपनी ओरसे भी शान्तिके लिये प्रार्थना करना  »  श्लोक 11
 
 
श्लोक  5.25.11 
को वा कुरून् द्रोणभीष्माभिगुप्ता-
नश्वत्थाम्ना शल्यकृपादिभिश्च।
रणे विजेतुं विषहेत राजन्
राधेयगुप्तान् सह भूमिपालै:॥ ११॥
 
 
अनुवाद
राजन! इसी प्रकार द्रोणाचार्य, भीष्म, अश्वत्थामा, शल्य, कृपाचार्य आदि वीर योद्धाओं सहित कर्ण द्वारा रक्षित कौरवों को युद्ध में परास्त करने का साहस कौन जुटा सकता है?॥ 11॥
 
King! Similarly, who can muster the courage to defeat the Kauravas protected by Karna along with the brave warriors like Dronacharya, Bhishma, Ashwatthama, Shalya, Kripacharya and other kings in a war?॥ 11॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)