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mahabharat 5.25.1: युधिष्ठिर बोले, "सारथीपुत्र संजय, ग्वालपुत्र संजय, पाण्डव, संजय, भगवान श्रीकृष्ण, सात्यकि और राजा विराट, ये सभी यहाँ एकत्रित हुए हैं। कृपया राजा धृतराष्ट्र ने जो संदेश आपके माध्यम से भेजा है, उसे आप उन तक पहुँचाएँ।" ॥1॥   |   mahabharat अध्याय 5.25: संजयका युधिष्ठिरको धृतराष्ट्रका संदेश सुनाना एवं अपनी ओरसे भी शान्तिके लिये प्रार्थना करना   ।   mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 25: संजयका युधिष्ठिरको धृतराष्ट्रका संदेश सुनाना एवं अपनी ओरसे भी शान्तिके लिये प्रार्थना करना  »  श्लोक 1
 
 
श्लोक  5.25.1 
युधिष्ठिर उवाच
समागता: पाण्डवा: सृंजयाश्च
जनार्दनो युयुधानो विराट:।
यत् ते वाक्यं धृतराष्ट्रानुशिष्टं
गावल्गणे ब्रूहि तत् सूतपुत्र॥ १॥
 
 
अनुवाद
युधिष्ठिर बोले, "सारथीपुत्र संजय, ग्वालपुत्र संजय, पाण्डव, संजय, भगवान श्रीकृष्ण, सात्यकि और राजा विराट, ये सभी यहाँ एकत्रित हुए हैं। कृपया राजा धृतराष्ट्र ने जो संदेश आपके माध्यम से भेजा है, उसे आप उन तक पहुँचाएँ।" ॥1॥
 
Yudhishthira said, "Sanjaya, the son of a charioteer, son of the cowherd, the Pandavas, Sanjaya, Lord Krishna, Satyaki and King Virata have all gathered here. Please convey the message that King Dhritarashtra has sent through you." ॥1॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)