Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.24.2: पाण्डवों! जैसे धृतराष्ट्रपुत्र दुर्योधन के साथ अनेक पापी रहते हैं, वैसे ही उसके साथ पुण्यात्मा वृद्ध पुरुष भी रहते हैं। इसे तुम सत्य मानो। दुर्योधन तो अपने शत्रुओं को भी धन देता है, फिर वह ब्राह्मणों की जीविका कैसे नष्ट कर सकता है?॥2॥ | mahabharat अध्याय 5.24: संजयका युधिष्ठिरको उनके प्रश्नोंका उत्तर देते हुए उन्हें राजा धृतराष्ट्रका संदेश सुनानेकी प्रतिज्ञा करना । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
पाण्डवों! जैसे धृतराष्ट्रपुत्र दुर्योधन के साथ अनेक पापी रहते हैं, वैसे ही उसके साथ पुण्यात्मा वृद्ध पुरुष भी रहते हैं। इसे तुम सत्य मानो। दुर्योधन तो अपने शत्रुओं को भी धन देता है, फिर वह ब्राह्मणों की जीविका कैसे नष्ट कर सकता है?॥2॥
Pandavas! Just as many sinners live with Duryodhan, son of Dhritarashtra, similarly old men with a virtuous nature also live with him. You should consider this to be true. Duryodhan gives money even to his enemies, then how can he destroy the livelihood of Brahmins?॥2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥