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mahabharat 5.23.9: संजय! विचित्रवीर्य के पुत्र, महाप्रतापी महाराज धृतराष्ट्र अपने पुत्रों सहित कुशल से तो हैं? प्रतीप के विद्वान पुत्र महाराज बाह्लीक भी कुशल से तो हैं?   |   mahabharat अध्याय 5.23: संजयका युधिष्ठिरसे मिलकर उनकी कुशल पूछना एवं युधिष्ठिरका संजयसे कौरवपक्षका कुशल-समाचार पूछते हुए उससे सारगर्भित प्रश्न करना   ।   mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 23: संजयका युधिष्ठिरसे मिलकर उनकी कुशल पूछना एवं युधिष्ठिरका संजयसे कौरवपक्षका कुशल-समाचार पूछते हुए उससे सारगर्भित प्रश्न करना  »  श्लोक 9
 
 
श्लोक  5.23.9 
कच्चिद् राजा धृतराष्ट्र: सपुत्रो
वैचित्रवीर्य: कुशली महात्मा।
महाराजो बाह्लिक: प्रातिपेय:
कच्चिद् विद्वान् कुशली सूतपुत्र॥ ९॥
 
 
अनुवाद
संजय! विचित्रवीर्य के पुत्र, महाप्रतापी महाराज धृतराष्ट्र अपने पुत्रों सहित कुशल से तो हैं? प्रतीप के विद्वान पुत्र महाराज बाह्लीक भी कुशल से तो हैं?
 
Sanjay! Is the great king Dhritarashtra, the son of Vichitravirya, well with his sons? Is Maharaja Bahlika, the learned son of Pratipa, well?
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)