श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 23: संजयका युधिष्ठिरसे मिलकर उनकी कुशल पूछना एवं युधिष्ठिरका संजयसे कौरवपक्षका कुशल-समाचार पूछते हुए उससे सारगर्भित प्रश्न करना  »  श्लोक 4
 
 
श्लोक  5.23.4 
अनामयं पृच्छति त्वाऽऽम्बिकेयो
वृद्धो राजा धृतराष्ट्रो मनीषी।
कच्चिद् भीम: कुशली पाण्डवाग्रॺो
धनंजयस्तौ च माद्रीतनूजौ॥ ४॥
 
 
अनुवाद
वृद्ध एवं बुद्धिमान अम्बिकानन्दन महाराज धृतराष्ट्र ने आपका कुशल क्षेम पूछा है। भीमसेन, पांडव नायक अर्जुन तथा माद्रीकुमार नकुल और सहदेव दोनों कुशल से हैं न? 4॥
 
Old and wise Ambikanandan Maharaj Dhritarashtra has asked about your well-being. Bhimsen, Pandava leader Arjun and both Madrikumar Nakul and Sahadev are well, aren't they? 4॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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