Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 5.23.3: सारथीपुत्र संजय ने प्रसन्नतापूर्वक सर्वमित्र राजा युधिष्ठिर से कहा, 'हे राजन! यह बड़े सौभाग्य की बात है कि आज मैं आपको देवराज इन्द्र के समान अपने सहायकों सहित स्वस्थ और सुरक्षित देख रहा हूँ।'   |   mahabharat अध्याय 5.23: संजयका युधिष्ठिरसे मिलकर उनकी कुशल पूछना एवं युधिष्ठिरका संजयसे कौरवपक्षका कुशल-समाचार पूछते हुए उससे सारगर्भित प्रश्न करना   ।   mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 23: संजयका युधिष्ठिरसे मिलकर उनकी कुशल पूछना एवं युधिष्ठिरका संजयसे कौरवपक्षका कुशल-समाचार पूछते हुए उससे सारगर्भित प्रश्न करना  »  श्लोक 3
 
 
श्लोक  5.23.3 
गावल्गणि: संजय: सूतसूनु-
रजातशत्रुमवदत् प्रतीत:।
दिष्टॺा राजंस्त्वामरोगं प्रपश्ये
सहायवन्तं च महेन्द्रकल्पम्॥ ३॥
 
 
अनुवाद
सारथीपुत्र संजय ने प्रसन्नतापूर्वक सर्वमित्र राजा युधिष्ठिर से कहा, 'हे राजन! यह बड़े सौभाग्य की बात है कि आज मैं आपको देवराज इन्द्र के समान अपने सहायकों सहित स्वस्थ और सुरक्षित देख रहा हूँ।'
 
Sanjaya, the son of a charioteer, happily said to Yudhishthira, the king who is a friend of all. 'O King! It is a matter of great fortune that today I see you, like the king of gods Indra, healthy and safe along with your helpers.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)